आनन्द के द्वारा
— इस श्रेणी से संबंधित संपूर्ण संकलन —

१०. सुभसुत्तं
सुत्तपिटक / दीघनिकायभगवान के परिनिर्वाण के पश्चात, आनन्द भन्ते को भगवान की शिक्षाओं को स्पष्ट करने के लिए बुलाया गया।

१८. जनवसभ सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायभगवान बुद्ध के एक पूर्वजन्म की प्रेरणादायी और रोमांचकारी कथा, जिसमें वे एक महान चक्रवर्ती सम्राट बने। सुदर्शन महाराज की महानता उनकी सहजता में घुल-मिलकर इस जातक कथा को अत्यंत रोचक और कभी न भूलनेवाली बनाती है।

३२. महागोसिङ्ग सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय‘किस तरह का भिक्षु शानदार गोसिङ्ग वन की शोभा होगा?’ प्रसिद्ध भिक्षुओं का अलग-अलग उत्तर।

५२. अट्ठकनागर सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायएक गृहस्थ भगवान के परिनिर्वाण के पश्चात अमृतद्वार ढूँढ रहा था। आनन्द भन्ते ने उसे एक नहीं, ग्यारह अमृतद्वार दिखाते हैं।

५३. सेख सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायजब भगवान को पीठ दर्द हुआ, तब भन्ते आनन्द ने उपदेश की जिम्मेदारी संभाली और शाक्यों को साधना मार्ग का वर्णन किया।

७६. सन्दक सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायआनन्द भन्ते परिव्राजक गुरु से चर्चा करते हैं, तो वह अपने सभी शिष्यों को भिक्षु बनने भेज देते हैं।

८८. बाहितिक सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायराजा प्रसेनजित आयुष्मान आनंद से भगवान के कर्मों पर प्रश्न पूछता है, और प्रसन्न होकर अपना विदेशी वस्त्र दान करता है।

१०८. गोपकमोग्गल्लान सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान के परिनिर्वाण के बाद भिक्षुसंघ कैसे चलता है और उसका नेतृत्व कौन करता है?—इस पर आनन्द भन्ते के उत्तर।

१२३. अच्छरियब्भुत सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायक्या आप जानते हैं बोधिसत्व के जन्म के समय कौन-से अद्भुत चमत्कार हुए थे? आनंद भन्ते उनका मनमोहक वर्णन करते हैं।

१३२. आनन्दभद्देकरत्त सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय‘भद्देकरत्त’ गाथा का आनंद भन्ते द्वारा किया गया सुंदर विश्लेषण, जिसे सुनकर स्वयं भगवान साधुवाद देते हैं।