✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
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उदेन के द्वारा

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  • ९४. घोटमुख सुत्त

    ९४. घोटमुख सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    टहलते हुए आया एक अनजान ब्राह्मण भिक्षु से कह उठता है, “प्रव्रज्या अधार्मिक है!” तब भन्ते उसे धम्म बताते हैं।