कथा
— इस श्रेणी से संबंधित संपूर्ण संकलन —

१४. महापदान सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायदुर्लभ ही होता है कि जब भगवान भिक्षुसंघ को बैठकर कोई कथा सुनाए। यह कथा पिछले सात सम्यक-सम्बुद्धों की महाकथा हैं। किन्तु, प्रश्न उठता है कि भगवान को यह महाकथा भला कैसे पता है?

१७. महासुदस्सन सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायभगवान बुद्ध के एक पूर्वजन्म की प्रेरणादायी और रोमांचकारी कथा, जिसमें वे एक महान चक्रवर्ती सम्राट बने। सुदर्शन महाराज की महानता उनकी सहजता में घुल-मिलकर इस जातक कथा को अत्यंत रोचक और कभी न भूलनेवाली बनाती है।

१८. जनवसभ सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायभगवान बुद्ध के एक पूर्वजन्म की प्रेरणादायी और रोमांचकारी कथा, जिसमें वे एक महान चक्रवर्ती सम्राट बने। सुदर्शन महाराज की महानता उनकी सहजता में घुल-मिलकर इस जातक कथा को अत्यंत रोचक और कभी न भूलनेवाली बनाती है।

१९. महागोविन्द सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायभगवान बुद्ध की एक और प्रेरणादायी जातक कथा, जिसमें उन्होंने अपनी कार्यक्षमता से भूतकाल के भारत को आकार दिया। और, फिर धर्म की ओर मुड़कर सनातन ब्रह्म-धर्म ढूँढ निकाला, और उसे पैगंबर या ईश्वर के दूत की तरह संपूर्ण जम्बूद्वीप में फैलाया।

२१. ककचूपम सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायआलोचना कैसे झेलें? भगवान जीवंत और यादगार उपमाओं के साथ बताते हैं।

२६. चक्कवत्ति सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायदुनिया का पतन भी अनेक चरणों में होता है, और दुनिया का उद्धार भी। पतन और उद्धार के इस प्रक्रिया के बीच बुद्ध अवतरित होते हैं। आगे, मेत्तेय बुद्ध भी आएंगे।

२७. अग्गञ्ञ सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायदुनिया की शुरुवात कैसे हुई? अनेक पौराणिक कथाओं के बीच, बुद्ध एक भिन्न विवरण देते हैं, जिसमें मानव-कर्म और नैतिकता दुनिया के संतुलन से जुड़ा है।

५०. मारतज्जनीय सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायमार महामोग्गल्लान भन्ते को परेशान करता है। तब वे उसे अपनी पूर्वजन्म कथा सुनाते हैं, जिसमें वे स्वयं मार थे।

८१. घटिकार सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान अपने पुराने मित्र घटिकार कुम्हार की प्रेरणादायी और भावनात्मक जातक कथा सुनाते हैं।

८२. रट्ठपाल सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायएक नवयुवक, प्रव्रज्या की अनुमति पाने के लिए माता-पिता से संघर्ष करता है, और अरहंत बनकर लौटकर धूम मचाता है।

८३. मघदेव सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान की जातक कथा, जिसमें वे ऐसी कल्याणकारी प्रथा स्थापित करते हैं, जो इसके अनुसरणकर्ताओं को ब्रह्मलोक में सद्गति प्रदान करती है।

८५. बोधिराजकुमार सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायराजकुमार मानता है कि परमसुख कठिन तप से मिलता है, सुखद मार्ग से नहीं! इसी पर भगवान का उत्तर।

८६. अङ्गुलिमाल सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायबौद्ध परम्परा की सबसे प्रसिद्ध कथाओं में से एक—कुख्यात हत्यारे अँगुलिमाल की रोचक कथा।

९३. अस्सलायन सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायब्राह्मणों के प्रोत्साहन पर एक प्रतिभाशाली युवा ब्राह्मण जातिवाद पर भगवान से उलझने की भूल करता है।