✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
श्रेणी दर्शन

परिव्राजक के द्वारा

— इस श्रेणी से संबंधित संपूर्ण संकलन —

  • २७. चूळहत्थिपदोपम सुत्त

    २७. चूळहत्थिपदोपम सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    क्या हमें श्रद्धा से तुरंत मान लेना चाहिए? भगवान यहाँ उपमा देकर हमें सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।

  • ७८. समणमुण्डिक सुत्त

    ७८. समणमुण्डिक सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    एक परिव्राजक भगवान के उपासक को “अजेय श्रमण” के चार गुण बताता है, पर भगवान उसका खंडन कर दस गुण बताते हैं।