बुद्ध के लिए
— इस श्रेणी से संबंधित संपूर्ण संकलन —

१८. जनवसभ सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायभगवान बुद्ध के एक पूर्वजन्म की प्रेरणादायी और रोमांचकारी कथा, जिसमें वे एक महान चक्रवर्ती सम्राट बने। सुदर्शन महाराज की महानता उनकी सहजता में घुल-मिलकर इस जातक कथा को अत्यंत रोचक और कभी न भूलनेवाली बनाती है।

१९. महागोविन्द सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायभगवान बुद्ध की एक और प्रेरणादायी जातक कथा, जिसमें उन्होंने अपनी कार्यक्षमता से भूतकाल के भारत को आकार दिया। और, फिर धर्म की ओर मुड़कर सनातन ब्रह्म-धर्म ढूँढ निकाला, और उसे पैगंबर या ईश्वर के दूत की तरह संपूर्ण जम्बूद्वीप में फैलाया।

२१. सक्कपञ्ह सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायदेवताओं का राजा होने के कारण, इन्द्र सक्क, सद्धर्म सुनने से वंचित रहता था। जब भी वह ऋषियों ने धर्म पुछने जाता, ऋषि ही उनसे पुछने लगते। अंततः उसने भगवान से भेंट की और धर्म के उत्तर सुनकर श्रोतापन्न बना।

२८. सम्पसादनीयसुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायपरिनिर्वाण लेने से पूर्व, आयुष्मान सारिपुत्त आकर भगवान से मुलाक़ात करते है, और महान शास्ता के लिए भाव-विभोर बातें कहते हैं।

३१. चूळगोसिङ्ग सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायकलह के समय, भगवान उन तीन भिक्षुओं से मिलते हैं जो स्नेहपूर्वक वन में साधनारत हैं।

३२. आटानाटियसुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायदुनिया में अनेक तरह के अदृश्य सत्व हैं, और हर कोई हमारा हितकांक्षी नहीं है। कई सत्व हिंसक भी हैं। यह सूत्र रक्षामंत्र के तौर पर उनसे बचने का मार्ग बताता है।

८९. धम्मचेतिय सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान की याद आने पर, राजा प्रसेनजित जाकर भगवान के चरणों को चूमता है और इसके दस कारण बताता है।