✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
श्रेणी दर्शन

महाकच्चान के द्वारा

— इस श्रेणी से संबंधित संपूर्ण संकलन —

  • १८. मधुपिण्डिक सुत्त

    १८. मधुपिण्डिक सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    भगवान के मुख से निकला 'प्रपंच' पर एक अत्यंत सारगर्भित और संक्षिप्त धम्म। लेकिन उसका अर्थ कौन बताए?

  • ८४. मधुर सुत्त

    ८४. मधुर सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    मथुरा का राजा ब्राह्मणों की स्व-घोषित श्रेष्ठता पर भन्ते की राय पूछते हैं, और भन्ते बेझिझक उत्तर देते हैं।