
प्रवचन
आचार्यों द्वारा दिए गए ये धर्म प्रवचन, साधकों के लिए संजीवनी हैं, जो ध्यान से पहले या बाद में हृदय को गहराई से स्पर्श करते हैं। प्रत्येक प्रवचन मन की गाँठें खोलता, उलझनों को सुलझाता और बोधि-पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। प्रस्तुत हैं ऐसे ही मधुर, शांतिदायक और बोधमय प्रवचन!
अजान चाह

पूज्य अजान चाह थाई वन-परंपरा के महान आचार्यों में से एक थे, जिन्हें अरहंत माना जाता था। उनकी शिक्षाओं की विशेषता उनकी सरलता और सीधापन है। वे गूढ़ दार्शनिक भाषा के बजाय रोज़मर्रा के उदाहरणों से मन, दुःख और आसक्ति की प्रकृति को समझाते थे।

अजान चाह के ये सीधे और बेबाक बोल हमें सिखाते हैं कि कैसे अपने भीतर के ‘मैं’ (अहंकार) को आज़ाद करके ही हम ज़िंदगी, दुख और मौत के पार की असली शांति पा सकते हैं। अगर आप अपने ही विचारों के शोर से थक चुके हैं और एक सच्चे ठहराव की तलाश में हैं, तो यह छोटी-सी किताब आपके लिए एक गहरा और जीवन बदलने वाला सफर साबित होगी।
यह अमर प्रवचन कब दिया गया, उसके बारे में कोई ब्योरा नहीं मिलता।
अजान ब्रह्म

अजान ब्रह्म, एक थेरवादी बौद्ध भिक्षु, जो इंग्लैंड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से सैद्धांतिक भौतिकी वैज्ञानिक है, अपनी बुद्धिमत्ता और हास्यपूर्ण शैली के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। उनकी शिक्षाएँ गहरी प्रज्ञा और हल्के हास्य का अनूठा संगम हैं, जो ध्यान और जीवन के अर्थ को सरलता से समझाने में मदद करती हैं।
१९ अक्तूबर २००१ को धम्मलोक बुद्धिस्ट सेंटर (नोल्लामरा, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया) में उपासकों के सामने दिया गया एक प्रवचन।
८ दिसंबर २००२ को “ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन बुद्धिज़्म” (विश्व बौद्ध सम्मेलन), जो शाम आलम, मलेशिया में हुआ, वहाँ सभी श्रोताओं के सामने दिया गया एक यादगार और दिल छूने वाला प्रवचन।
यह प्रवचन पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के बोधिज्ञान विहार में एक ‘पूरी रात चलने वाले ध्यान सत्र’ से पहले दिया गया था, ताकि साधक समाधि के गहरे अर्थ को समझ सकें।
१९९० में धम्मलोक सेंटर (पर्थ, ऑस्ट्रेलिया) में दिए प्रवचन के अंश।
भिक्खु बोधि

भिक्खु बोधि एक प्रख्यात थेरवादी भिक्खु, विद्वान और अनुवादक हैं, जिन्होंने पाली बौद्ध ग्रंथों के गहन अध्ययन और उनके उत्कृष्ट अंग्रेज़ी अनुवाद के माध्यम से विश्वभर के साधकों को लाभान्वित किया है। उनकी शिक्षाएँ तर्कसंगत, गहरी और प्रायोगिक हैं, जो आधुनिक जीवन में भी मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
९ फरवरी, २००८ को बोधि मोनेस्ट्री में चीनी नववर्ष सभा में दिया गया एक प्रवचन।
थानिस्सरो भिक्खु

थानिसारो भिक्खु (अजान जेफ) थाई फॉरेस्ट परंपरा के एक अत्यंत सम्मानित अमेरिकी बौद्ध भिक्षु हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन बुद्ध की शिक्षाओं को दुनिया तक पहुँचाने और ध्यान के अभ्यास में समर्पित किया है। उनकी गहरी स्पष्टता और करुणा से भरी शिक्षाएं दुनिया भर के असंख्य साधकों को मुक्ति मार्ग पर निरंतर प्रेरित करती हैं।

२०१८ में सभी साधकों के कर्म से जुड़े प्रश्नोंत्तर का संकलन।
२०२५ को अपने मेत्ता फॉरेस्ट मोनेस्ट्री में शाम की ध्यान सभा में दिया गया एक प्रवचन।
२०१८ को अपने मेत्ता फॉरेस्ट मोनेस्ट्री में शाम की ध्यान सभा में दिया गया एक प्रवचन।
यह निर्देशित ध्यान-साधना “Noble Strategy” नामक पुस्तक में संकलित किया गया है।

थानिसरो भिक्खु की “साधना सिरीज़” उन ४० व्यावहारिक और जीवंत धम्म-प्रवचनों का एक अनूठा संग्रह है, जो ध्यान के दौरान उठने वाली असली उलझनों पर सीधे चोट करते हैं। इन प्रवचनों में साँस को एक औज़ार की तरह इस्तेमाल करने और मन के गहरे विकारों को काटने की वह अचूक विद्या है, जो महज़ किताबी ज्ञान से बहुत परे है।
अगर आप अपनी ध्यान साधना में आ रही रुकावटों का एक सच्चा और पक्का समाधान ढूँढ रहे हैं, तो यह शृंखला आपके लिए एक बेहतरीन और अचूक मार्गदर्शक साबित होगी।