✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
कर्म मुख्य > देसना > कोई अजान चाह नहीं! 5. प्रवचन



अजान चाह के यादगार कथन

कर्म पर

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जब धम्म को न समझने वाले लोग कुछ गलत करते हैं, तो वे इधर-उधर देखते हैं ताकि कोई उन्हें देख न ले। लेकिन हमारा ‘कर्म’ हमें हर वक्त देख रहा होता है।

हम कभी भी, कुछ भी करके सच में बच नहीं सकते।

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अच्छे काम अच्छे नतीजे लाते हैं; बुरे काम बुरे नतीजे लाते हैं।

भगवान से यह उम्मीद मत करो कि वे तुम्हारे लिए कुछ करेंगे, या फरिश्ते और देवी-देवता तुम्हें बचाएंगे, या कोई ‘शुभ मुहूर्त’ तुम्हारी मदद करेगा। ये सब सच नहीं है। इन पर भरोसा मत करो।

अगर तुम इन पर यकीन करोगे, तो सिर्फ दुख पाओगे। तुम बस सही दिन, सही महीने, सही साल, फरिश्तों या देवी-देवताओं का इंतज़ार ही करते रह जाओगे। इस तरह तुम्हें सिर्फ पीड़ा ही मिलेगी।

अपने खुद के कर्मों पर, अपने कहे हुए शब्दों पर नज़र रखो। अच्छा करोगे, तो नेकी मिलेगी; बुरा करोगे, तो बुराई ही तुम्हारे हिस्से आएगी।

55

सही साधना के ज़रिए, तुम अपने पुराने कर्मों को खुद-ब-खुद मिट जाने का मौका देते हो। जब तुम जान जाते हो कि चीज़ें कैसे उठती और गिरती हैं, तो तुम बस चुपचाप सजग रहकर उन्हें उनके रास्ते बहने दे सकते हो।

यह दो पेड़ों की तरह है: अगर तुम एक को खाद-पानी दोगे और दूसरे की परवाह करना छोड़ दोगे, तो इसमें कोई शक ही नहीं कि कौन सा पेड़ बढ़ेगा और कौन सा मर जाएगा।

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तुममें से कुछ लोग हज़ारों मील दूर, यूरोप, अमेरिका और दूसरी दूर-दराज़ की जगहों से नोंग पा पोंग विहार में धम्म सुनने आए हो। ज़रा सोचो, तुम यहाँ पहुँचने के लिए कितनी दूर से और कितनी मुश्किलें उठाकर आए हो।

और फिर वो लोग भी हैं जो ठीक विहार की दीवारों के बाहर रहते हैं, पर आज तक इसके दरवाज़े के भीतर कदम नहीं रखा। यह देखकर अच्छे कर्मों की अहमियत और भी ज्यादा महसूस होती है, है न?

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जब तुम कुछ बुरा करते हो, तो दुनिया में छुपने की कोई जगह नहीं बचती। भले ही दूसरे तुम्हें न देखें, पर तुम तो खुद को देख ही रहे हो। तुम किसी गहरे गड्ढे में भी जाकर छुप जाओ, तो भी वहाँ तुम खुद को अपने ही साथ पाओगे। ऐसा कोई तरीका है ही नहीं कि तुम पाप करो और बच निकलो।

और ठीक इसी तरह, तुम अपनी खुद की पवित्रता को क्यों नहीं देख पाते? तुम सब कुछ देखते हो— अपनी शांति, अपनी बेचैनी, अपनी आज़ादी और अपनी जंजीरें; तुम इन सबको खुद के लिए, खुद ही देखते हो।