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एक चूहेदानी ने मुर्गी, सुअर और गाय की जान कैसे ली?

लेखक: अजान ब्रह्म
| ४ मिनट



पांच चूहे, एक मुर्गी, एक सुअर और एक गाय बहुत पक्के दोस्त थे और शहर की आबादी से दूर एक खेत में रहते थे।

फार्महाउस के अंदर रहने वाले चूहे हमेशा अपने दोस्तों की मदद के लिए तैयार रहते थे। जब किसी चूहे को यह सुनाई देता कि किसान ‘फ्राइड चिकन’ खाना चाहता है, तो वे तुरंत जाकर मुर्गी को छिपने के लिए कह देते। जब वे सुनते कि किसान की पत्नी रात के खाने में ‘पोर्क सॉसेज’ (सुअर का मांस) बनाने की योजना बना रही है, तो वे सुअर से कहते कि वह करवट लेकर लेट जाए और बीमार होने का नाटक करे। और जब उन्हें पता चलता कि किसान को ‘रोस्ट बीफ’ खाना है, तो वे गाय को किसी दूसरे खेत में चले जाने के लिए कह देते।

अपनी जान बचाने वाले इन पांचों जासूस दोस्तों का मुर्गी, सुअर और गाय ने एक प्यारा सा नाम रखा था— MI5 (माउस इंटेलिजेंस फाइव)!

एक दोपहर, एक चूहे ने दीवार की दरार से देखा कि किसान एक पार्सल खोल रहा है। पार्सल के अंदर एक ‘चूहेदानी’ देखकर तो जैसे उसकी जान ही निकल गई। “अरे नहीं! अब तो हम गए! हम सब मारे जाएंगे!” उसने घबराते हुए बाकी चूहों को बताया। “अब हम क्या करें?”

उन सबने मदद के लिए अपनी दोस्त ‘श्रीमती मुर्गी’ के पास जाने का फैसला किया।

“कुक! कुक! कुक!” श्रीमती मुर्गी ने बेरुखी से कहा। “एक छोटी सी चूहेदानी मेरा क्या बिगाड़ सकती है?”

चूहों को बड़ा धक्का लगा कि हमेशा उनकी जान बचाने के बावजूद, आज मुर्गी उनकी मदद करना तो दूर, उन्हें तसल्ली तक नहीं दे रही थी। इसलिए वे अपने दोस्त ‘श्रीमान सुअर’ के पास गए।

“ओइंक!” श्रीमान सुअर ने कहा। “मैं अभी थोड़ा व्यस्त हूँ। मैं बाद में तुमसे बात करता हूँ। वैसे भी, एक चूहेदानी से मेरा क्या नुकसान हो सकता है?”

चूहे फिर से निराश हो गए। हार मानकर वे अपनी सबसे बड़ी और बहादुर दोस्त, ‘श्रीमती गाय’ के पास गए।

श्रीमती गाय घास चबाने में इतनी मगन थी कि उसने एक बार “मूऊ!” तक नहीं कहा। फिर, घबराए हुए चूहों की बहुत मिन्नतें करने के बाद वह बोली, “ठीक है। मैं इस पर ‘जुगाली’ (विचार) करूंगी, हालांकि यह मेरी कोई समस्या नहीं है।”

चूहे उदास होकर घर लौट आए। अपने दोस्तों की इतनी मदद करने के बावजूद, बदले में उन्हें श्रीमती मुर्गी से “कुक!”, श्रीमान सुअर से “ओइंक!” और श्रीमती गाय से एक “मूऊ!” तक के अलावा कुछ नहीं मिला।

उसी रात, रसोई में कुछ खाने-पीने का सामान खोजते समय, एक चूहे का पैर उस चूहेदानी पर पड़ गया। “खटाक!” और वह बेचारा चूहा सीधा स्वर्ग सिधार गया (क्योंकि वह दिल का बहुत नेक था)।

बाकी चार चूहों ने यह आवाज़ सुनी और मदद के लिए दौड़े। पर अब वे अपने प्यारे, मृत भाई के लिए कुछ नहीं कर सकते थे। वे सब एक-दूसरे को गले लगकर फूट-फूट कर रोने लगे।

किसान की पत्नी ने भी चूहेदानी के बंद होने की आवाज़ सुनी और यह देखने गई कि क्या फंसा है। जब उसने एक मरे हुए चूहे को देखा… और उसके पास चार अन्य चूहों को दुख में रोते हुए और अपने छोटे-छोटे हाथों से एक-दूसरे को गले लगाते हुए देखा, तो वह चीख पड़ी और बेहोश हो गई!

अगली सुबह तक, वह अभी भी सदमे में थी और बिस्तर से उठ नहीं पाई। किसान सोचने लगा कि वह अपनी पत्नी को ऐसा क्या खिलाए जिससे वह जल्दी ठीक हो जाए। तभी उसके दिमाग में एक अचूक नुस्खा आया— चिकन सूप! बस, उसने श्रीमती मुर्गी को पकड़ा, उसकी गर्दन काटी, और थोड़ा नमक और लहसुन डालकर उसे एक बर्तन में उबाल दिया।

जब किसान की पत्नी की सहेलियों को पता चला कि वह बीमार है, तो वे लोग उसका हालचाल पूछने घर आ गईं। अब मेहमानों को खाना तो खिलाना ही था, इसलिए किसान ने श्रीमान सुअर को काट डाला और मेहमानों के लिए बेहतरीन ‘ग्रिल्ड पोर्क चॉप्स’ बना दिए।

बदकिस्मती से, किसान की पत्नी उन चार चूहों को इंसान की तरह रोते हुए देखने के उस भयंकर सदमे से कभी उबर नहीं पाई। उसकी मौत हो गई। अंतिम संस्कार में बहुत से लोग आए, और किसान ने शोक मनाने वालों के लिए खूब सारे ‘रोस्ट बीफ सैंडविच’ बनाए। अंदाज़ा लगाइए वो बीफ कहाँ से आया होगा? श्रीमती गाय से!


कहानी की सीख:

तो इस तरह, एक छोटी सी चूहेदानी ने एक मुर्गी, एक सुअर और एक गाय की जान ले ली! इसलिए ज़िंदगी में कभी यह मत सोचिए कि “यह मेरी समस्या नहीं है, तो मैं क्यों परेशान हूँ।” अगर आपका कोई दोस्त आपसे मदद मांगता है, तो वह समस्या आपकी भी है। आख़िर दोस्त किस दिन काम आएंगे!