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शराब पीकर गाड़ी चलाने के खतरे

लेखक: अजान ब्रह्म
| ३ मिनट



बौद्ध भिक्षुओं को पानी को वाइन में बदलने की इजाज़त नहीं है, शायद यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया में बौद्धों की तुलना में ईसाइयों की संख्या ज्यादा है!

कई साल पहले की बात है, सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) में एक आदमी ने ऑफिस की पार्टी के बाद नशे में ड्राइव करके घर जाने का फैसला किया। उसने पार्टी में कुछ ज्यादा ही बीयर पी ली थी, लेकिन उसे लगा कि पुलिस से बच निकलने के पूरे चांस हैं।

हालांकि, उस शाम सिडनी पुलिस ने हर ड्राइवर के अल्कोहल लेवल की जांच करने के लिए एक मशहूर रास्ते पर नाकाबंदी लगाया हुआ था। किस्मत खराब थी, वह बैरिकेड उसी आदमी के घर के रास्ते में था। आगे पुलिस को देखकर उसे समझ आ गया कि अब वह फंस चुका है और भागने का कोई रास्ता नहीं है।

उसने अपनी गाड़ी किनारे लगाई और जांच के लिए अपनी बारी का इंतज़ार करने लगा। उसने मान लिया था कि अब भारी जुर्माना लगेगा या शायद उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द हो जाएगा। वह बस अपनी इस बेइज़्ज़ती और मुसीबत का इंतज़ार ही कर सकता था। उसे लग रहा था जैसे बर्बादी का अंधेरा उसे निगलने वाला है, और वह उदास बैठा अपनी फूटी किस्मत को कोस रहा था।

जब उसकी बारी आई, तो पुलिस वाले ने उसे कार से बाहर आने को कहा और फूंक मारने के लिए एक ‘ब्रीथ एनालाइज़र’ उसके हाथ में थमा दिया।

उसने मशीन पकड़ी और उसमें फूंक मारने ही वाला था कि ठीक उसी पल, एक ज़ोरदार धमाका हुआ—क्रैश! बैरिकेड के पास रुकने वाली एक गाड़ी ने अचानक ब्रेक लगा दिए थे और पीछे वाली कार ने उसे ज़ोरदार टक्कर मार दी थी। पुलिस वाले ने उस आदमी से मशीन वापस ले ली और बोला, “मुझे इस एक्सीडेंट को देखना होगा। अपनी कार में वापस जाओ और घर निकलो।”

वह आदमी इस चमत्कार पर यकीन ही नहीं कर पाया। वह तुरंत घूमा, लड़खड़ाते हुए ड्राइवर की सीट पर बैठा, एक्सीलेटर दबाया और बड़ी तेजी से वहां से निकल गया। पूरे रास्ते वह खुशी से गाता हुआ घर पहुंचा।

अगली सुबह, उसके घर की डोरबेल (घंटी) बजी जिससे उसकी नींद खुली। पिछली रात की पार्टी की वजह से उसे भयानक हैंगओवर था और उसका सिर फटा जा रहा था। लड़खड़ाते हुए सीढ़ियों से नीचे उतरकर जब उसने दरवाज़ा खोला, तो सामने सिडनी पुलिस के दो हट्टे-कट्टे अधिकारी खड़े थे।

वह पहले तो घबरा गया, लेकिन फिर उसने मन ही मन सोचा, “ये लोग अब मुझे गिरफ्तार नहीं कर सकते। मैं इस वक्त गाड़ी थोड़ी चला रहा हूँ।”

खुद को संभालते हुए उसने पूछा, “गुड मॉर्निंग ऑफिसर्स, बताइए, क्या समस्या है?”

“गुड मॉर्निंग सर। क्या हम आपके गैरेज के अंदर एक नज़र डाल सकते हैं?”

उसने एक पल के लिए सोचा। उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं था। तो हर्ज ही क्या है?

“बिल्कुल,” उसने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। “मुझे अपनी स्थानीय पुलिस की मदद करने में हमेशा खुशी होती है। मेरे साथ आइए।” और वह बड़े आत्मविश्वास के साथ अपने गैरेज की तरफ बढ़ा।

लेकिन जैसे ही उसने गैरेज का दरवाज़ा खोला, उसके चेहरे का रंग उड़ गया, उसके होंठ कांपने लगे और उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं, मानो बाहर ही आ जाएंगी। क्योंकि उसके गैरेज के अंदर… एक पुलिस की गाड़ी खड़ी थी! वह नशे की हालत में अपनी कार की जगह पुलिस की गाड़ी ही चलाकर घर ले आया था!

शराब पीकर गाड़ी चलाने के कुछ ऐसे ही खतरनाक नतीजे होते हैं।


कहानी की सीख: शराब पीकर गाड़ी चलाना सिर्फ गैरकानूनी ही नहीं है, बल्कि यह आपके सोचने-समझने की क्षमता को भी पूरी तरह खत्म कर देता है। नशे की हालत में आपको भले ही लगे कि आप पुलिस से बच गए हैं, लेकिन आपकी बेवकूफी आपको और भी बड़ी मुसीबत (और शर्मिंदगी) में डाल सकती है!