आजकल लोग फिटनेस को लेकर बहुत गंभीर रहते हैं। वे एक स्वस्थ शरीर बनाए रखने के लिए अपने खाली समय का एक बड़ा हिस्सा जिम में बिताते हैं या खेलकूद में लगाते हैं। फिर भी, वे अक्सर भावनात्मक रूप से अस्वस्थ रह जाते हैं। वे बहुत आसानी से गुस्सा और अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार हो जाते हैं।
इसीलिए, मैंने स्वस्थ भावनाओं को विकसित करने के लिए एक सरल व्यायाम प्रणाली तैयार की है और लोगों को सिखाई है। इसे “हर सुबह बीस पुश-अप्स” कहा जाता है।
सुबह शौचालय जाने और ब्रश करने के बाद, एक आईने के सामने किसी गर्म और मुलायम मैट पर अपने पैरों के बीच करीब पंद्रह इंच की दूरी बनाकर खड़े हो जाएं। खुद को शांत करने के लिए तीन या चार बार गहरी सांसें लें और छोड़ें। फिर अपने हाथों को अपने चेहरे तक उठाएं। अपनी तर्जनी उंगलियों को अपने होठों के दोनों कोनों पर रखें। फिर आईने में देखते हुए, उन्हें ऊपर की ओर धकेलें (push up, ताकि होठों पर मुस्कान-सी दिखें)।
एक!
तीन सेकंड के लिए अपने मुंह को उसकी सामान्य उदास दिखने वाली स्थिति में वापस आने दें, और फिर से ऊपर धकेलें।
दो!
इस तरह इसे बीस बार दोहराएं। संख्या कम मत कीजिएगा!
इससे न केवल आप हर सुबह खुद पर हंसेंगे, बल्कि आपके होठों के कोनों के आसपास की मांसपेशियों की इतनी अच्छी कसरत हो जाएगी कि आपके लिए जीवन पर हंसना और पहले से कहीं अधिक समय तक मुस्कुराना बेहद आसान हो जाएगा।
इसके लिए बस थोड़े से अभ्यास की आवश्यकता है।
कहानी की सीख: शारीरिक स्वास्थ्य की तरह मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी रोज़ाना अभ्यास की ज़रूरत होती है। एक छोटी सी बनावटी मुस्कान भी आपके मस्तिष्क को खुश होने के संकेत भेजती है। दिन की शुरुआत मुस्कुराकर करने की आदत डालिए, फिर पूरा दिन आपके लिए मुस्कुराना आसान हो जाएगा!
