✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
१-१०६. सुहेमन्त मुख्य > सुत्तपिटक > थेरगाथा

सुहेमन्त

अनुवादक: सोनल आवळे | २ मिनट

हिन्दी

“शतधा चिह्नित पद में लक्षण,
अर्थ अनेक, एक माने सो मूर्ख है।
पद में सौ अर्थ जो देखता,
ज्ञानी वो कहलाता।”


पालि

“सतलिङ्गस्स अत्थस्स,
सतलक्खणधारिनो।
एकङ्गदस्सी दुम्मेधो,
सतदस्सी च पण्डितो"ति।