✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
१-१०७. धम्मसव मुख्य > सुत्तपिटक > थेरगाथा

धम्मसव

अनुवादक: सोनल आवळे | २ मिनट
मगध देश के एक प्रतिष्ठित ब्राह्मण कुल में जन्मे धम्मसव, भगवान के पास प्रव्रजित हुए। कठोर साधना करते हुए उन्होंने अर्हत् पद प्राप्त किया। अपनी साधना की पूर्णता और कृतकृत्यता को प्रकट करते हुए स्थविर ने यह उदान गाया:

हिन्दी

““पब्बजि तलयित्वान,
अगारस्मानगारियं।
तिस्सो विज्ञ्जा अनुप्पत्ता,
कतं बुद्धस्स सासनं” ति।


पालि

“सोच-समझकर घर से
बेघर हो प्रवर्जित हुआ,
साधनारत होकर
साधी तीनों विद्या,
बुद्ध-शासन पूरा किया।”