विषय दर्शन
अनुपूर्वीशिक्षा
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

भिक्षु का क्रमिक प्रशिक्षण
लेखआध्यात्मिक विकास कोई जोशीला और आवेगजन्य निर्णय नहीं, बल्कि जागरूक, क्रमबद्ध, और सूझबूझ से भरी एक यात्रा है। 'अनुपुब्बिसिक्खा', यानी क्रमिक प्रशिक्षण, वह साधना-पथ है जिसे स्वयं बुद्ध ने गढ़ा।

३. सेक्ख पटिपदा
ग्रन्थ / पटिपदायहाँ कभी इस दुनिया में तथागत प्रकट होते है—अरहंत, सम्यक-सम्बुद्ध, विद्या व आचरण में संपन्न...

१०१. देवदह सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायइस सूत्र में भगवान बुद्ध उन निगण्ठ (जैन) सिद्धांतों का खण्डन करते हैं, जिन्हें दुर्भाग्य से आज कई लोग बौद्ध मत समझ बैठे हैं।