विषय दर्शन
अभिधम्म
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

६९. गोलियानि सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायजब एक असभ्य अरण्यवासी भिक्षु संघ में आया, तो सारिपुत्त भन्ते ने आचार और साधना का वास्तविक अर्थ समझाया।

१०३. किन्ति सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायइस सूत्र में भगवान भिक्षुओं को आपसी असहमति या टकराव होने पर उससे निपटने के सही तरीक़े बताते हैं।

शब्दावली - मूल अर्थ और संदर्भ
धम्म के तकनीकी शब्दों को उनके सही अर्थ और संदर्भ में समझना आवश्यक है, जिस संदर्भ में स्वयं भगवान बुद्ध उनका प्रयोग करते थे। इसी उद्देश्य से यह शब्दावली तैयार है।