विषय दर्शन
असत्पुरुष
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

ज्ञानियों की संगति
लेखपहले ही गाथा में बुद्ध बताते हैं कि सबसे बड़ा मंगल मूर्खों से दूर रहने और ज्ञानियों की संगति करने में है (असेवना च बालानं, पण्डितानं च सेवना)...

११०. चूळपुण्णम सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायपूर्णिमा की रात खुले आकाश के नीचे, भगवान स्वयं रोमहर्षक अवसर को भाँपकर, सत्पुरुष और असत्पुरुष की व्याख्या करते हैं।

११३. सप्पुरिस सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान यहाँ विभिन्न परिस्थितियों के माध्यम से असत्पुरुष भिक्षु और सत्पुरुष भिक्षु के बीच का अंतर स्पष्ट करते हैं।