विषय दर्शन
आधुनिक विज्ञान
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

एकमात्र वास्तविक विज्ञान
लेखक्या संबोधि (अरहंत की अवस्था) प्राप्त करने के लिए पहले 'झान' का अनुभव होना ज़रूरी है? या फिर बिना 'झान' में गए भी सीधे उस परम लक्ष्य (निर्वाण) तक पहुँचा जा सकता है?

ज्ञान के दो मार्ग
लेखआज हम जिन भयानक सामाजिक और सांस्कृतिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उनमें से कई की जड़ें उस गहरी खाई में हैं जिसने पश्चिमी सभ्यता को विज्ञान और धर्म के बीच बाँट दिया है...