आनापान
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —




ध्यान-साधना कैसे करें?
लेखकुछ साधक शांत प्रकृति के होते हैं, जो सीधे श्वास पर ध्यान केंद्रित कर सहज रूप से समाधि प्राप्त कर लेते हैं। दूसरी ओर, कुछ साधक स्वभाव से उग्र होते हैं, उनके लिए उपयुक्त मार्ग है—दुक्खा पटिपदा।

प्रत्येक श्वास के साथ
ग्रन्थथानिस्सरो भिक्षु की यह प्रसिद्ध कृति ध्यान-साधना पर आधारित एक सरल, स्पष्ट और पूरी तरह व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। यह पुस्तक दो भरोसेमंद स्रोतों से प्रेरित है—एक ओर बुद्ध का आनापान, और दूसरी ओर आचार्य 'अजान ली धम्मधरो' की ध्यान-पद्धति।

६२. महाराहुलोवाद सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान अपने युवा पुत्र राहुल को विविध प्रकार की साधना करने के लिए प्रेरित करते हैं।

ध्यान कैसे और क्यों? - साधना सिरीज़
देसनाध्यान के बारे में दो जरूरी सवाल होते हैं: कैसे और क्यों? ध्यान सिर्फ़ एक तकनीक नहीं है। इसका एक संदर्भ होता है...

साँस में स्नान - साधना सिरीज़
देसनाजब कोई धम्म प्रवचन चल रहा हो, तो आपको इसे सुनने की आवश्यकता नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपनी श्वास के साथ बने रहें...

आनापान के चरण - साधना सिरीज़
देसनाजब बुद्ध सांस ध्यान सिखाते हैं, तो वे कुल मिलाकर सोलह चरणों की शिक्षा देते हैं। यह पाली ग्रंथों में मिलने वाली सबसे विस्तृत ध्यान निर्देशावली है।