विषय दर्शन
आस्रव
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

९. सब्बासवादि
ग्रन्थ / पटिपदाभिक्षुओं, जो स्वयं जानता है, देखता है—मैं कहता हूँ उसके बहाव थमते है। जो स्वयं नहीं जानता, नहीं देखता, उसके बहाव नहीं थमते। क्या स्वयं जानता है, देखता है?


६८. नळकपान सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान प्रसिद्ध नवभिक्षुओं को उनके आध्यात्मिक कर्तव्यों की स्पष्टता देते हुए अपनी घोषणाओं का कारण बताते हैं।