विषय दर्शन
इंद्रिय
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

इन्द्रिय की भावना
लेखइन पाँच इन्द्रियों का अंतिम उद्देश्य यही 'अमृत' प्राप्त कराना है। ये पाँच इन्द्रियाँ नदी पार कराने वाली एक मज़बूत नाव की तरह हैं; ये साधना के परम उपकरण हैं, स्वयं लक्ष्य नहीं।

पांच आध्यात्मिक इंद्रियां
लेखबुद्ध की शिक्षाओं के अभ्यास को अक्सर एक यात्रा की छवि के ज़रिए दर्शाया जाता है। इसमें आर्य अष्टांगिक मार्ग के आठ अंग वह मुख्य मार्ग बनाते हैं जिस पर शिष्य को चलना होता है...

१६. महापरिनिब्बान सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकाययह पालि साहित्य का सबसे लंबा सूत्र है, जो बुद्ध की परिनिर्वाण कथा को विवरण के साथ बताता है। भगवान बुद्ध के अंतिम दिनों के बारे में यहाँ लंबा ब्योरा मिलता है, जिससे बुद्ध के व्यक्तित्व की गहराई झलकती है।

४३. महावेदल्ल सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाययहाँ दो भिक्षुओं के सवाल-जवाब से धम्म के गहरे पहलू एक खिलते हुए फूल की तरह खुलते हैं।