✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
विषय दर्शन

उपादान

— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

  • ईंटों के पाँच ढेर

    ईंटों के पाँच ढेर

    लेख

    बुद्ध ऐसे गुरु नहीं थे जो आपके हर सवाल का बस सीधा-सीधा जवाब दे दें। उन्होंने यह भी सिखाया कि आखिर सवाल कौन से पूछे जाने चाहिए। वे सवालों की ताकत को अच्छी तरह समझते थे...

  • पहाड़ों का बोझ

    पहाड़ों का बोझ

    लेख

    क्या कोई पहाड़ भारी होता है? वैसे तो वह अपने आप में भारी हो सकता है, लेकिन जब तक हम उसे उठाने की कोशिश नहीं करते, तब तक वह हमारे लिए भारी नहीं होता...

  • ११. चूळसीहनाद सुत्त

    ११. चूळसीहनाद सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    भगवान प्रेरित करते हैं कि उनके शिष्य जाकर दूसरे संन्यासियों के सामने दहाड़े।

  • ४४. चूळवेदल्ल सुत्त

    ४४. चूळवेदल्ल सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    यहाँ उपासक के गहरे सवालों का उत्तर एक प्रसिद्ध भिक्षुणी देती हैं। और क्या ही लाजवाब उत्तर देती हैं!

  • १०९. महापुण्णम सुत्त

    १०९. महापुण्णम सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    पूर्णिमा की रात खुले आकाश के नीचे भगवान भिक्षुओं से घिरे होते हैं। ऐसे रोमहर्षक अवसर को भाँपकर एक भिक्षु भगवान से प्रश्नोत्तर करता है।

  • शब्दावली - मूल अर्थ और संदर्भ

    शब्दावली - मूल अर्थ और संदर्भ

    धम्म के तकनीकी शब्दों को उनके सही अर्थ और संदर्भ में समझना आवश्यक है, जिस संदर्भ में स्वयं भगवान बुद्ध उनका प्रयोग करते थे। इसी उद्देश्य से यह शब्दावली तैयार है।