✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
विषय दर्शन

कल्याणमित्र

— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

  • गुरु

    गुरु

    लेख

    आज अध्यात्म भी एक प्रतिस्पर्धा बन चुका है। चमत्कारी बाबाओं और आकर्षक दावों की भीड़ में विवेक खो जाना सहज है, जबकि सच्चे कल्याणमित्र प्रायः शांत और अल्पप्रचारित होते हैं।

  • भाग पाँच

    भाग पाँच

    ग्रन्थ / प्रत्येक श्वास के साथ

    हर गंभीर साधक को एक गुरु की आवश्यकता होती है। चूंकि ध्यान-अभ्यास 'व्यवहार के नए तरीकों' का प्रशिक्षण है, इसलिए आप सबसे अच्छा तब सीखते हैं जब आप किसी अनुभवी साधक को कार्य करते हुए देख सकें और साथ ही, एक अनुभवी साधक आपको कार्य करते हुए देख सके।

  • १५. संवेग ओवाद

    १५. संवेग ओवाद

    ग्रन्थ / पटिपदा

    भिक्षुओं, दस धर्म होते है, जिनके प्रति प्रवज्यितों को हमेशा चिंतनशील रहना चाहिए। कौन से दस?

  • ४७. वीमंसक सुत्त

    ४७. वीमंसक सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    साधक को गुरु की कड़ी छानबीन करनी चाहिए और श्रद्धा रखने से पहले आँख और कान खुले रखने चाहिए। भगवान बताते हैं कि यह कैसे करना है।

  • कल्याणमित्रता - साधना सिरीज़

    कल्याणमित्रता - साधना सिरीज़

    देसना

    धम्म का अभ्यास करना मुख्य रूप से स्वयं को देखने का विषय है—अपने विचारों, अपने शब्दों, अपने कर्मों को देखना, यह देखना कि क्या कुशल है और क्या अकुशल है।