विषय दर्शन
कल्याणमित्र
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —



१५. संवेग ओवाद
ग्रन्थ / पटिपदाभिक्षुओं, दस धर्म होते है, जिनके प्रति प्रवज्यितों को हमेशा चिंतनशील रहना चाहिए। कौन से दस?

४७. वीमंसक सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायसाधक को गुरु की कड़ी छानबीन करनी चाहिए और श्रद्धा रखने से पहले आँख और कान खुले रखने चाहिए। भगवान बताते हैं कि यह कैसे करना है।

१०७. गणकमोग्गल्लान सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायजब निर्वाण, निर्वाण-मार्ग और मार्गदर्शक तथागत विद्यमान हैं, तो सभी शिष्य अरहंत क्यों नहीं होते?—इस प्रश्न पर भगवान का प्रसिद्ध उत्तर!

कल्याणमित्रता - साधना सिरीज़
देसनाधम्म का अभ्यास करना मुख्य रूप से स्वयं को देखने का विषय है—अपने विचारों, अपने शब्दों, अपने कर्मों को देखना, यह देखना कि क्या कुशल है और क्या अकुशल है।