✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
विषय दर्शन

काया

— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

  • ७४. दीघनख सुत्त

    ७४. दीघनख सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    इस प्रसिद्ध सूत्र में सारिपुत्त भन्ते को अरहंत फल प्राप्त हुआ, जबकि उनके परिव्राजक भांजे में धम्मचक्षु उत्पन्न हुआ।