विषय दर्शन
तपस्वी
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

२४. पाथिक सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायसुनक्खत भिक्षु को तमाशेबाज निर्वस्त्र तपस्वियों से आकर्षण है। किन्तु, तप का ऐसा तमाशा न भगवान करते हैं, न ही उनका भिक्षुसंघ। उसके भिक्षुत्व छोड़ने की बात पर, भगवान उसकी अक्ल ठिकाने लगाने की नाकाम कोशिश करते हैं।

४५. चूळधम्मसमादान सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान चार प्रकार के धम्ममार्ग बताते हैं, जिनसे वर्तमान का अनुभव और भविष्य के फल भिन्न होते हैं।

५७. कुक्कुरवतिक सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायप्राचीन भारत के अनोखे संन्यासी, जो कुत्ते और गाय का व्रत रखते हैं, भगवान से उसका फल पूछते हैं।

५७. कुक्कुरवतिक सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायप्राचीन भारत के अनोखे संन्यासी, जो कुत्ते और गाय का व्रत रखते हैं, भगवान से उसका फल पूछते हैं।