विषय दर्शन
दुनिया की शुरुवात
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

२४. पाथिक सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायसुनक्खत भिक्षु को तमाशेबाज निर्वस्त्र तपस्वियों से आकर्षण है। किन्तु, तप का ऐसा तमाशा न भगवान करते हैं, न ही उनका भिक्षुसंघ। उसके भिक्षुत्व छोड़ने की बात पर, भगवान उसकी अक्ल ठिकाने लगाने की नाकाम कोशिश करते हैं।

२७. अग्गञ्ञ सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायदुनिया की शुरुवात कैसे हुई? अनेक पौराणिक कथाओं के बीच, बुद्ध एक भिन्न विवरण देते हैं, जिसमें मानव-कर्म और नैतिकता दुनिया के संतुलन से जुड़ा है।