✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
विषय दर्शन

देव

— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

  • व्रत

    व्रत

    ग्रन्थ / पुण्य

    व्रत जो अधूरा रखें, न शील उसके पूर्ण हो। व्रत जो परिपूर्ण करें, शील भी उसके पूर्ण हो।