विषय दर्शन
निरोध समापत्ति
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

४३. महावेदल्ल सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाययहाँ दो भिक्षुओं के सवाल-जवाब से धम्म के गहरे पहलू एक खिलते हुए फूल की तरह खुलते हैं।

४४. चूळवेदल्ल सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाययहाँ उपासक के गहरे सवालों का उत्तर एक प्रसिद्ध भिक्षुणी देती हैं। और क्या ही लाजवाब उत्तर देती हैं!

१११. अनुपद सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान सारिपुत्त भन्ते की धम्म-विपश्यना की कथा बताते हैं, जो समाधि की सभी अवस्थाओं से गुजरते हुए निरोध अवस्था तक पहुँचती है।

१२१. चूळसुञ्ञत सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान यहाँ आयुष्मान आनन्द को शून्यता की सुखद ध्यान-अवस्था में प्रवेश करने का एक अत्यंत सरल मार्ग बताते हैं।