विषय दर्शन
नीवरण
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

४. वीरियारम्भ
ग्रन्थ / पटिपदाअकुशल त्याग दो, भिक्षुओं! अकुशल त्याग सकते है। यदि अकुशल न त्याग सकते, तो मैं तुम्हें न कहता...


४. भयभेरव सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायबोधिसत्व ने जंगल में अकेले रहकर डर और आतंक का सामना करते हुए संबोधि कैसे पायी?