✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
विषय दर्शन

पातिमोक्ख

— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

  • १४. महापदान सुत्त

    १४. महापदान सुत्त

    सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    दुर्लभ ही होता है कि जब भगवान भिक्षुसंघ को बैठकर कोई कथा सुनाए। यह कथा पिछले सात सम्यक-सम्बुद्धों की महाकथा हैं। किन्तु, प्रश्न उठता है कि भगवान को यह महाकथा भला कैसे पता है?

  • २१. सक्कपञ्ह सुत्त

    २१. सक्कपञ्ह सुत्त

    सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    देवताओं का राजा होने के कारण, इन्द्र सक्क, सद्धर्म सुनने से वंचित रहता था। जब भी वह ऋषियों ने धर्म पुछने जाता, ऋषि ही उनसे पुछने लगते। अंततः उसने भगवान से भेंट की और धर्म के उत्तर सुनकर श्रोतापन्न बना।