विषय दर्शन
पारमि
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

पारमिता का मिथक
लेखप्रारंभिक सूत्रों की कसौटी पर देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि पारमि की यह पूरी अवधारणा बुद्ध के मूल वचनों से एक ऐतिहासिक भटकाव है। आइए, इसकी विकास-यात्रा और इसके प्रभावों की पड़ताल करें।

अर्हंत बनाम बोधिसत्व
लेखआज १५०० साल बाद, हमारे पास 'बुद्ध के नाम पर खिचड़ी पक चुकी है। थेरवाद, महायान, वज्रयान—सब दावा करते हैं कि वे सही हैं। एक आम साधक कैसे पहचाने कि शुद्ध घी कौन सा है और डालडा कौन सा?

७७. महासकुलुदायि सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायविभिन्न पंथों के बीच आपसी संवाद में सभी गुरुओं और उनके शिष्यों के असली चेहरे उजागर होते हैं। भगवान बुद्ध के भी।

शब्दावली - मूल अर्थ और संदर्भ
धम्म के तकनीकी शब्दों को उनके सही अर्थ और संदर्भ में समझना आवश्यक है, जिस संदर्भ में स्वयं भगवान बुद्ध उनका प्रयोग करते थे। इसी उद्देश्य से यह शब्दावली तैयार है।