विषय दर्शन
बुद्ध-वचन
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

क्या मांसाहार पाप है?
लेखभारत में जब कोई धम्म की शरण में आता है, तो उसके सामने सबसे बड़ी व्यावहारिक दुविधा भोजन को लेकर खड़ी होती है। एक तरफ हमारे मन में हज़ारों सालों का 'शाकाहार ही पवित्रता है' वाला गहरा भारतीय संस्कार है, तो दूसरी तरफ बुद्ध का अहिंसा का सन्देश है।

क्या बौद्ध धर्म निराशावादी है?
लेखआपने अक्सर सुना होगा कि बौद्ध धर्म एक 'निराशावादी' धर्म है। यह गलतफहमी इतनी गहरी है कि हमारे देश के प्रथम उपराष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी इसे 'दुःखवाद' के चश्मे से देखने से नहीं बच सके।

अर्हंत बनाम बोधिसत्व
लेखआज १५०० साल बाद, हमारे पास 'बुद्ध के नाम पर खिचड़ी पक चुकी है। थेरवाद, महायान, वज्रयान—सब दावा करते हैं कि वे सही हैं। एक आम साधक कैसे पहचाने कि शुद्ध घी कौन सा है और डालडा कौन सा?