विषय दर्शन
बोलने की कला
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

अत्ता-अनत्ता - क्या 'आत्मा' है, या नहीं?
लेखसमस्या तब आती है जब 'अनत्त' का दूसरा अर्थ निकाला जाता है—आत्मा का न होना।' यानी यह मान लेना कि आत्मा जैसी कोई चीज़ अस्तित्व में ही नहीं है। यही वह मोड़ है जहाँ से सारा विवाद और दुविधा जन्म लेती है।

५८. अभयराजकुमार सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायअभय राजकुमार को भगवान को दुविधा में डालकर उनका खण्डन करने भेजा जाता है।