मार
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

आवाहन
लेखदुनिया ने अचानक एक बड़ा मोड़ लिया है और उत्क्रांति के नए चरण में प्रवेश किया है। अब तेजी से आ रहे बदलाव नाटकीय स्तर पर हैं—कल्पना से परे।

गोतम बुद्ध का बुद्धत्व लाभ
लेखउरुवेला की उस रात, नेरञ्जरा नदी के तट पर इतिहास बदलने वाला था। सिद्धार्थ गौतम 'मध्यम मार्ग' को पा चुके थे, शरीर में बल लौट आया था, और मन एक धारदार हथियार की तरह तैयार था।

१-७. भल्लिय
सुत्तपिटक / थेरगाथामार और उसकी सेना को परास्त कर परम शांति प्राप्त करने वाले वीर भिक्षु का उद्घोष।

१६. महापरिनिब्बान सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकाययह पालि साहित्य का सबसे लंबा सूत्र है, जो बुद्ध की परिनिर्वाण कथा को विवरण के साथ बताता है। भगवान बुद्ध के अंतिम दिनों के बारे में यहाँ लंबा ब्योरा मिलता है, जिससे बुद्ध के व्यक्तित्व की गहराई झलकती है।

२०. महासमय सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायभगवान बुद्ध का दर्शन लेने के लिए दूसरी दुनियाओं के अनेक देवतागण एकत्र हुए। तब, भगवान ने उनका वर्णन कर, भिक्षुओं का उनसे परिचय कराया।

२५. निवाप सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायमार के चारे से कौन-से साधक बच सकते हैं? हिरणों की उपमा से भगवान समझाते हैं।

२६. चक्कवत्ति सुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायदुनिया का पतन भी अनेक चरणों में होता है, और दुनिया का उद्धार भी। पतन और उद्धार के इस प्रक्रिया के बीच बुद्ध अवतरित होते हैं। आगे, मेत्तेय बुद्ध भी आएंगे।

२६. पासरासि/अरियपरियेसना सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायदुनिया के सभी लोग, दरअसल, दो तरह की खोज में जुटे हैं। भगवान विस्तार से स्वयं की खोज भी बताते हैं।

४९. ब्रह्मनिमन्तनिक सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायएक हैरतअंगेज सूत्र, जिसमें भगवान जाकर ब्रह्मा की दृष्टि सुधारने का प्रयास करते हैं।

५०. मारतज्जनीय सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायमार महामोग्गल्लान भन्ते को परेशान करता है। तब वे उसे अपनी पूर्वजन्म कथा सुनाते हैं, जिसमें वे स्वयं मार थे।