✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
विषय दर्शन

यक्ष

— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

  • १८. जनवसभ सुत्त

    १८. जनवसभ सुत्त

    सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    भगवान बुद्ध के एक पूर्वजन्म की प्रेरणादायी और रोमांचकारी कथा, जिसमें वे एक महान चक्रवर्ती सम्राट बने। सुदर्शन महाराज की महानता उनकी सहजता में घुल-मिलकर इस जातक कथा को अत्यंत रोचक और कभी न भूलनेवाली बनाती है।

  • २०. महासमय सुत्त

    २०. महासमय सुत्त

    सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    भगवान बुद्ध का दर्शन लेने के लिए दूसरी दुनियाओं के अनेक देवतागण एकत्र हुए। तब, भगवान ने उनका वर्णन कर, भिक्षुओं का उनसे परिचय कराया।

  • ३१. चूळगोसिङ्ग सुत्त

    ३१. चूळगोसिङ्ग सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    कलह के समय, भगवान उन तीन भिक्षुओं से मिलते हैं जो स्नेहपूर्वक वन में साधनारत हैं।

  • ३२. आटानाटियसुत्त

    ३२. आटानाटियसुत्त

    सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    दुनिया में अनेक तरह के अदृश्य सत्व हैं, और हर कोई हमारा हितकांक्षी नहीं है। कई सत्व हिंसक भी हैं। यह सूत्र रक्षामंत्र के तौर पर उनसे बचने का मार्ग बताता है।