विषय दर्शन
वेदना
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

१३. महादुक्खक्खन्ध सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायपरधम्मी परिव्राजकों को लगता हैं कि उनका और बुद्ध का धम्म एक जैसा ही है। तब, भगवान ऐसा धम्म बताते हैं, जो उनके लिए ‘आउट ऑफ सिलेबस’ हो।

५९. बहुवेदनीय सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायदो लोग वेदना की गिनती में उलझे रहते हैं, वहीं भगवान उनसे आगे बढ़कर सुखों के विविध प्रकार गिनाते हैं।

७४. दीघनख सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायइस प्रसिद्ध सूत्र में सारिपुत्त भन्ते को अरहंत फल प्राप्त हुआ, जबकि उनके परिव्राजक भांजे में धम्मचक्षु उत्पन्न हुआ।