विषय दर्शन
शील
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

बुद्ध का क्रमिक उपदेश
लेखबुद्ध ने कभी धर्म को एक ही साँचे में नहीं ढाला। वे श्रोता की क्षमता, उसकी जिज्ञासा और उसके मन की स्थिति को ध्यान में रखकर ही, क्रमबद्ध रूप से, धर्म को प्रकट करते—इसी को 'अनुपुब्बिकथा' कहा गया है।

शील की औषधि
लेखभगवान बुद्ध एक वैद्य की तरह थे, जो मानव जाति की आध्यात्मिक बीमारियों का इलाज करते थे। दुखों से तड़पते लोगों के लिए उनकी शिक्षाएं किसी अचूक औषधि से कम नहीं थीं...

शुरुवात कैसे करें - तीसरा कदम - पंचशील
लेखबुद्ध के अनुसार, जीवन में ये पाँच-शील अत्यावश्यक हैं। इनका पालन हर समय और हर परिस्थिति में करना हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
