विषय दर्शन
शून्यता
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

१२१. चूळसुञ्ञत सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान यहाँ आयुष्मान आनन्द को शून्यता की सुखद ध्यान-अवस्था में प्रवेश करने का एक अत्यंत सरल मार्ग बताते हैं।

१२२. महासुञ्ञत सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान आनंद भन्ते को भीड़भाड़ से दूर, एकांत और ‘शून्यता’ में विहार करने का अत्यंत गहरा उपदेश देते हैं।