✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
विषय दर्शन

शून्यता

— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

  • १२१. चूळसुञ्ञत सुत्त

    १२१. चूळसुञ्ञत सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    भगवान यहाँ आयुष्मान आनन्द को शून्यता की सुखद ध्यान-अवस्था में प्रवेश करने का एक अत्यंत सरल मार्ग बताते हैं।

  • १२२. महासुञ्ञत सुत्त

    १२२. महासुञ्ञत सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    भगवान आनंद भन्ते को भीड़भाड़ से दूर, एकांत और ‘शून्यता’ में विहार करने का अत्यंत गहरा उपदेश देते हैं।