✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
विषय दर्शन

समथ

— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

  • विपश्यना

    विपश्यना

    लेख

    बोधि प्राप्त करने के लिए शमथ अनिवार्य नहीं है। ऐसा माना जाता है कि प्रज्ञा और बोधि प्राप्त करने के लिए केवल 'विपश्यना' ही पर्याप्त है। ऐसा सब सुनने में तो आता है। मगर यह किस हद तक सही है?

  • ११. ब्रह्मविहारादि

    ११. ब्रह्मविहारादि

    ग्रन्थ / पटिपदा

    ध्येयकुशल सन्तपद-अभिलाषी को यह करना चाहिए—सक्षम, सीधा और स्पष्टवादी हो...

  • ६. आकङ्खेय्य सुत्त

    ६. आकङ्खेय्य सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    भिक्षु की आकांक्षा लौकिक हो या अलौकिक, भगवान उन्हें पूरा करने का मार्ग बताते हैं।

  • ७३. महावच्छ सुत्त

    ७३. महावच्छ सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    वह संन्यासी अब अपनी शंका का अंतिम समाधान पूछता है और भिक्षुत्व स्वीकार करता है।

  • शब्दावली - मूल अर्थ और संदर्भ

    शब्दावली - मूल अर्थ और संदर्भ

    धम्म के तकनीकी शब्दों को उनके सही अर्थ और संदर्भ में समझना आवश्यक है, जिस संदर्भ में स्वयं भगवान बुद्ध उनका प्रयोग करते थे। इसी उद्देश्य से यह शब्दावली तैयार है।

  • समथ ध्यान-साधना

    समथ ध्यान-साधना

    देसना

    आज मैं आपके साथ कुछ कहानियाँ, कुछ किस्से और कुछ हल्के-फुल्के मज़ाक साझा करूँगा ताकि हम खुद समझ सकें कि जीवन का असली अर्थ क्या है...