विषय दर्शन
सहमति की विधि
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

२९. पासादिकसुत्त
सुत्तपिटक / दीघनिकायमहावीर जैन के निधन होने पर उनके संघ में ‘कत्लेआम’ मचा। उसे सुनकर, बुद्ध अपने संघ में स्थिरता और प्रौढ़ता का भाव व्यक्त करते है। और, भिक्षुओं को संगीति के लिए प्रेरित भी करते है।

१०३. किन्ति सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायइस सूत्र में भगवान भिक्षुओं को आपसी असहमति या टकराव होने पर उससे निपटने के सही तरीक़े बताते हैं।