विषय दर्शन
सुस्ती-तंद्रा
— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

थिनमिद्ध - सुस्ती-तंद्रा और उसका त्याग
लेखसुस्ती कोई साधारण नींद नहीं है; यह यथार्थ से भागने का चित्त का एक रक्षातंत्र है। जब चित्त वर्तमान क्षण की चुनौतियों या नीरसता का सामना नहीं कर पाता, तो वह खुद को 'शट डाउन' करने लगता है। व्यक्ति को लगता है कि उसे शारीरिक विश्राम चाहिए, लेकिन असल में उसका चित्त सत्य से आँखें चुरा रहा होता है।