✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦
विषय दर्शन

स्मृतिप्रस्थान

— इस विषय से संबंधित संपूर्ण संकलन —

  • आनापान - श्वास साधना - सोलह कदम

    आनापान - श्वास साधना - सोलह कदम

    लेख

    आनापान : श्वास साधना

  • १०. सतिपट्ठान

    १०. सतिपट्ठान

    ग्रन्थ / पटिपदा

    यह चार स्मृतिप्रस्थान एकतरफ़ा मार्ग है, भिक्षुओं—सत्वों की विशुद्धि के लिए, शोक विलाप लाँघने के लिए, दर्द व्यथा विलुप्त करने के लिए, सही तरीक़ा पाने के लिए, निर्वाण साक्षात्कार के लिए...

  • १०. सतिपट्ठान सुत्त

    १०. सतिपट्ठान सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    इस लोकप्रिय सूत्र में स्मृति स्थापित करने की विधि विस्तार से बतायी गयी है।

  • १८. जनवसभ सुत्त

    १८. जनवसभ सुत्त

    सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    भगवान बुद्ध के एक पूर्वजन्म की प्रेरणादायी और रोमांचकारी कथा, जिसमें वे एक महान चक्रवर्ती सम्राट बने। सुदर्शन महाराज की महानता उनकी सहजता में घुल-मिलकर इस जातक कथा को अत्यंत रोचक और कभी न भूलनेवाली बनाती है।

  • २२. महासतिपट्ठान सुत्त

    २२. महासतिपट्ठान सुत्त

    सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    यह साधना करने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सूत्र है। इस सूत्र में स्मृति स्थापित करने की विधि विस्तार से बतायी गयी है। किन्तु, सति का अर्थ और मकसद क्या है, और वह आतापी के साथ कैसे जुड़ी हुई है, यह समझना अनिवार्य है।

  • २६. चक्कवत्ति सुत्त

    २६. चक्कवत्ति सुत्त

    सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    दुनिया का पतन भी अनेक चरणों में होता है, और दुनिया का उद्धार भी। पतन और उद्धार के इस प्रक्रिया के बीच बुद्ध अवतरित होते हैं। आगे, मेत्तेय बुद्ध भी आएंगे।

  • २९. पासादिकसुत्त

    २९. पासादिकसुत्त

    सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    महावीर जैन के निधन होने पर उनके संघ में ‘कत्लेआम’ मचा। उसे सुनकर, बुद्ध अपने संघ में स्थिरता और प्रौढ़ता का भाव व्यक्त करते है। और, भिक्षुओं को संगीति के लिए प्रेरित भी करते है।

  • ५१. कन्दरक सुत्त

    ५१. कन्दरक सुत्त

    सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    'पशुओं का स्वभाव सीधा होता है, जबकि मानव स्वभाव का कोई भरोसा नहीं!' इस बात पर भगवान चार प्रकार के व्यक्तियों का वर्णन करते हैं।