— इस उपमा से संबंधित संपूर्ण संकलन —
जब निर्वाण, निर्वाण-मार्ग और मार्गदर्शक तथागत विद्यमान हैं, तो सभी शिष्य अरहंत क्यों नहीं होते?—इस प्रश्न पर भगवान का प्रसिद्ध उत्तर!