उपमा दर्शन
चरवाहा
— इस उपमा से संबंधित संपूर्ण संकलन —

३३. महागोपालक सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाययहाँ भगवान एक चरवाहे के गुणों की उपमा देकर भिक्षुओं को सारगर्भित धम्म बताते हैं।

३४. चूळगोपालक सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाययहाँ भगवान एक यादगार उपमा के साथ हमें पार आने के लिए पुकारते हैं।