उपमा दर्शन
तीर
— इस उपमा से संबंधित संपूर्ण संकलन —

६३. चूळमालुक्य सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायएक भिक्षु जाकर भगवान को धमकी देता है—दार्शनिक उत्तर न मिले तो संन्यास छोड़ देगा।

१०१. देवदह सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायइस सूत्र में भगवान बुद्ध उन निगण्ठ (जैन) सिद्धांतों का खण्डन करते हैं, जिन्हें दुर्भाग्य से आज कई लोग बौद्ध मत समझ बैठे हैं।

१०५. सुनक्खत्त सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायजो भिक्षु स्वयं को ऊँचा आँक कर, अरहंत मानकर, साधना छोड़ देता है, उस पर भगवान का धम्मोपदेश।