— इस उपमा से संबंधित संपूर्ण संकलन —
राजा प्रसेनजित, भगवान की ‘सर्वज्ञ-सर्वदर्शी’ बात की अफवाह सुनकर, सत्य जानने के लिए स्वयं भगवान के पास पहुँचता है।