उपमा दर्शन
फल से लदा वृक्ष
— इस उपमा से संबंधित संपूर्ण संकलन —

बोधि में श्रद्धा
लेखबुद्ध ने कभी किसी पर आँख मूँदकर विश्वास करने या श्रद्धा रखने का कोई अंधा दबाव नहीं बनाया। आज के दौर में, जहाँ संसार के बहुसंख्यक और प्रभुत्वशाली धर्म बिना किसी तर्क के पूर्ण आत्मसमर्पण और अंधश्रद्धा की मांग करते हैं, वहाँ बुद्ध का यह प्रगतिशील नज़रिया सबसे बड़ी खूबी बनकर उभरता है...

५४. पोतलिय सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायएक गृहस्थ जब स्वयं को दुनियादारी से अलग समझता है, तब भगवान उसे सच्चे अर्थ में दुनियादारी से कटने का मार्ग बताते हैं।