उपमा दर्शन
सारकाष्ठ
— इस उपमा से संबंधित संपूर्ण संकलन —

१८. मधुपिण्डिक सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान के मुख से निकला 'प्रपंच' पर एक अत्यंत सारगर्भित और संक्षिप्त धम्म। लेकिन उसका अर्थ कौन बताए?

२९. महासारोपम सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान ब्रह्मचर्य का सार बताते हैं, साथ ही उसके बाहरी छिलकों को भी उजागर करते हैं।

३०. चूळसारोपम सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाययह पिछले सूत्र की तरह ही ब्रह्मचर्य का सार बताता है, लेकिन अंतिम भाग में मिलावट नजर आती है।

३५. चूळसच्चक सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायएक प्रसिद्ध अहंकारी बहसबाज सच्चक, भगवान से सरेआम वाद-विवाद में भिड़ता है।

६४. महामालुक्य सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायभगवान निचली पाँच बेड़ियों को तोड़कर अनागामी अवस्था पाने का मार्ग उजागर करते हैं?

७२. अग्गिवच्छ सुत्त
सुत्तपिटक / मज्झिमनिकायवह संन्यासी अब भगवान से दुनिया की दस प्रमुख दार्शनिक मान्यताओं के बारे में प्रश्न करता है।